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इस तरह 24 घंटे में अनà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¤: 1700 लिटर खून का शà¥à¤¦à¥à¤§à¥€à¤•रण होता है। खून को साफ करके पेशाब बनाने का कारà¥à¤¯ करने वाले किडनी की सबसे छोटी à¤à¤µà¤‚ बारीक यूनिट को नेफà¥à¤°à¥‹à¤¨ कहते हैं, जो à¤à¤• छनà¥à¤¨à¥€ की तरह होती है।
किडनी की रचना और कारà¥à¤¯
किडनी की संरचना
किडनी (गà¥à¤¦à¥‰) मानव शरीर का à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ अंग है। किडनी की खराबी, किसी गंà¤à¥€à¤° बीमारी या मौत का कारण à¤à¥€ बन सकता है। इसकी तà¥à¤²à¤¨à¤¾ सà¥à¤ªà¤° कंपà¥à¤¯à¥‚टर के साथ करना उचित है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि किडनी की रचना बड़ी अटपटी है और उसके कारà¥à¤¯ अतà¥à¤¯à¤‚त जटिल हैं उनके दो पà¥à¤°à¤®à¥à¤– कारà¥à¤¯ हैं - हानिकारक अपशिषà¥à¤Ÿ उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ और विषैले कचरे को शरीर से बाहर निकालना और शरीर में पानी, तरल पदारà¥à¤¥, खनिजों (इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¥à¤¸ के रूप में सोडियम, पोटेशियम आदि) नियमन करना है।
किडनी की संरचना
किडनी शरीर का खून साफ कर पेशाब बनाती है। शरीर से पेशाब निकालने का कायॅ मूतà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹à¤¿à¤¨à¥€ (Ureter), मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ (Urinary Bladder) और मूतà¥à¤°à¤¨à¤²à¤¿à¤•ा (Urethra) दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ होता है।
सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ और पà¥à¤°à¥à¤· दोनों के शरीर में सामानà¥à¤¯à¤¤: दो किडनी होती है।
किडनी पेट के अंदर, पीछे के हिसà¥à¤¸à¥‡ में, रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ के दोनों तरफ (पीठके à¤à¤¾à¤— में), छाती की पसलियों के सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ तरीके से सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ होती है ।
किडनी, पेट के à¤à¥€à¤¤à¤°à¥€ à¤à¤¾à¤— में सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ होती हैं जिससे वे सामानà¥à¤¯à¤¤à¤ƒ बाहर से सà¥à¤ªà¤°à¥à¤¶ करने पर महसूस नहीं होती।
किडनी, राजमा के आकर के à¤à¤• जोड़ी अंग हैं। वयसà¥à¤•ों में à¤à¤• किडनी लगà¤à¤— 10 सेंटीमीटर लमà¥à¤¬à¥€, 6 सेंटीमीटर चौडी और 4 सेंटीमीटर मोटी होती है। पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• किडनी का वजन लगà¤à¤— 150 - 170 गà¥à¤°à¤¾à¤® होता है।
किडनी दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बनाठगये पेशाब को मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ तक पहà¥à¤à¤šà¤¾à¤¨à¥‡à¤µà¤¾à¤²à¥€ नली को मूतà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹à¤¿à¤¨à¥€ कहते हैं। यह सामानà¥à¤¯à¤¤: 25 सेंटीमीटर लमà¥à¤¬à¥€ होती है और विशेष पà¥à¤°à¤•ार की लचीली मांसपेशियों से बनी होती है।
मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ पेट के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में सामने की तरफ (पेडू में) सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ à¤à¤• सà¥à¤¨à¤¾à¤¯à¥ की थैली है, जिसमें पेशाब जमा होता है। वयसà¥à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ में 400 - 500 मिलीलीटर पेशाब à¤à¤•तà¥à¤°à¤¿à¤¤ हो सकता है। जब मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ के करीब पेशाब à¤à¤° जाता है तब वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को पेशाब तà¥à¤¯à¤¾à¤— करने की तीवà¥à¤° इचà¥à¤›à¤¾ होती है।
मूतà¥à¤°à¤¨à¤²à¤¿à¤•ा दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पेशाब शरीर से बहार आता है। महिलाओं में पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में मूतà¥à¤°à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— छोटा होता है, जबकि पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में मारà¥à¤— लमà¥à¤¬à¤¾ होता है।
सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ और पà¥à¤°à¥à¤· दोनों में किडनी की रचना, सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ और कारà¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ à¤à¤• सामान होती है।
किडनी के कारà¥à¤¯
Kidney In Hindi
किडनी की जरूरत और महतà¥à¤µ कà¥à¤¯à¤¾ है ?
पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• वà¥à¤¯à¤•ित दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ लिठगठआहार के पà¥à¤°à¤•ार और उसकी मातà¥à¤°à¤¾ में हर दिन परिवरà¥à¤¤à¤¨ होता रहता है।
आहार की विविधता के कारण शरीर में पानी की मातà¥à¤°à¤¾, अमà¥à¤²à¥€à¤¯ à¤à¤µà¤‚ कà¥à¤·à¤¾à¤°à¤¿à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ की मातà¥à¤°à¤¾ में निरंतर परिवरà¥à¤¤à¤¨ होता रहता है।
आहार के पाचन के दौरान कई अनावशà¥à¤¯à¤• पदारà¥à¤¥ शरीर में उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हो जाते हैं।
शरीर में पानी, अमà¥à¤², कà¥à¤·à¤¾à¤° तथा अनà¥à¤¯ रसायनों à¤à¤µà¤‚ शरीर के अंदर उतà¥à¤¸à¤°à¥à¤œà¤¿à¤¤ होने वाले पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का संतà¥à¤²à¤¨ बिगडने या बà¥à¤¨à¥‡ पर वह वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के लिठजानलेवा हो सकता है।
किडनी शरीर में अनावशà¥à¤¯à¤• दà¥à¤°à¤µà¥à¤¯à¥‹à¤‚ और पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को पेशाब दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ दूर कर खून का शà¥à¤¦à¥à¤§à¥€à¤•रण करती है और शरीर में कà¥à¤·à¤¾à¤° à¤à¤µà¤‚ अमà¥à¤² का संतà¥à¤²à¤¨ कर खून में इनकी उचित मातà¥à¤°à¤¾ बनाठरखती है। इस तरह किडनी शरीर को सà¥à¤µà¤šà¥à¤› à¤à¤µà¤‚ सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखती है।
किडनी के मà¥à¤–à¥à¤¯ कारà¥à¤¯ कà¥à¤¯à¤¾ है?
Kidney In Hindi किडनी के मà¥à¤–à¥à¤¯ कारà¥à¤¯ निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित हैं:
1. खून का शà¥à¤¦à¥à¤§à¥€à¤•रण:
किडनी निरंतर कारà¥à¤¯à¤°à¤¤ रहकर शरीर में बनते अनावशà¥à¤¯à¤• जहरीले पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को पेशाब दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बाहर निकालती है।
2. अपशिषà¥à¤Ÿ उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ को निकलना
अपशिषà¥à¤Ÿ उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ को हटाकर रकà¥à¤¤ की शà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿ करना किडनी का सबसे महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ कारà¥à¤¯ है। हमारे दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ जो à¤à¥‹à¤œà¤¨ लिया जाता है उसमें पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ होता है। यह पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ शरीर को आरोगà¥à¤¯ रखने और शरीर के विकास के लिठआवशà¥à¤¯à¤• है। पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ का शरीर दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ उपयोग किया जाता है किनà¥à¤¤à¥ इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में कà¥à¤› अपशिषà¥à¤Ÿ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ होता है। इन अपशिषà¥à¤Ÿ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का संचय हमारे शरीर के अंदर जहर को बनाठरखने के समान है। हमारी किडनी, रकà¥à¤¤ से विषाकà¥à¤¤ अपशिषà¥à¤Ÿ उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ को छानकर उसे शà¥à¤¦à¥à¤§ करती हैं। ये विषाकà¥à¤¤ पदारà¥à¤¥ अंततः पेशाब से विसरà¥à¤œà¤¿à¤¤ हो जाते हैं।
कà¥à¤°à¥€à¤à¤Ÿà¤¿à¤¨à¤¿à¤¨ और यूरिया दो महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ अपशिषà¥à¤Ÿ उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ हैं। रकà¥à¤¤ में इनकी मातà¥à¤°à¤¾ का अवलोकन, किडनी की कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¤¾ है। जब दोनों किडनी खराब हो जाती हैं, तो कà¥à¤°à¥€à¤à¤Ÿà¤¿à¤¨à¤¿à¤¨ और यूरिया की मातà¥à¤°à¤¾ रकà¥à¤¤ परीकà¥à¤·à¤£ में उचà¥à¤š सà¥à¤¤à¤° पर पहà¥à¤à¤š जाते हैं।
3. शरीर में पानी का संतà¥à¤²à¤¨:
किडनी शरीर के लिठजरूरी पानी की मातà¥à¤°à¤¾ को रखते हà¥à¤ अधिक जमा हà¥à¤ पानी को पेशाब दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बहार निकालती है।
जब किडनी ख़राब हो जाती हैं तो वे इस अतिरिकà¥à¤¤ पानी को शरीर से बाहर करने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को खो देती हैं, शरीर में अतिरिकà¥à¤¤ पानी à¤à¤•तà¥à¤°à¤¿à¤¤ होने के कारण शरीर में सूजन हो जाती है।
Kidney In Hindi 4. अमà¥à¤² à¤à¤µà¤‚ कà¥à¤·à¤¾à¤° का संतà¥à¤²à¤¨:
किडनी शरीर में सोडियम, पोटैशियम, कà¥à¤²à¥‹à¤°à¤¾à¤‡à¤¡, मैगà¥à¤¨à¥‡à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, फॉसà¥à¤«à¥‹à¤°à¤¸, बाइकारà¥à¤¬à¥‹à¤¨à¥‡à¤Ÿ वगैरह की मातà¥à¤°à¤¾ यथावत रखने का कारà¥à¤¯ करती है। उपरोकà¥à¤¤ पदारà¥à¤¥ ही शरीर में अमà¥à¤² à¤à¤µà¤‚ कà¥à¤·à¤¾à¤° की मातà¥à¤°à¤¾ के लिठजिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° होते हैं। सोडियम की मातà¥à¤°à¤¾ बà¥à¤¨à¥‡ या घटने से दिमाग पर और पोटैशियम की मातà¥à¤°à¤¾ बà¥à¤¨à¥‡ या कम होने से हृदय और सà¥à¤¨à¤¾à¤¯à¥ की गतिविधियों पर गंà¤à¥€à¤° असर पड़ सकता है।
कैलशियम और फॉसà¥à¤«à¥‹à¤°à¤¸ को उचित रखना और उनके सà¥à¤¤à¤° को सामानà¥à¤¯ रखना हमारे शरीर में सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ हडिडà¥à¤¯à¥‹à¤‚ और सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ दांतों के लिठअति आवशà¥à¤¯à¤• है।
5. खून के दबाव पर नियंतà¥à¤°à¤£:
किडनी कई हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ बनाती है जैसे à¤à¤‚जियोटेनà¥à¤¸à¥€à¤¨,
à¤à¤²à¥à¤¡à¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥‹à¤°à¥‹à¤¨, पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¤¾à¤—à¥à¤²à¥‡à¤¨à¥à¤¡à¤¿à¤¨ इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿à¥¤ इन हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥‹à¤‚ की सहायता से शरीर में पानी की मातà¥à¤°à¤¾, अमà¥à¤²à¥‹à¤‚ à¤à¤µà¤‚ कà¥à¤·à¤¾à¤°à¥‹à¤‚ के संतà¥à¤²à¤¨ को बनाठरखती है। इस संतà¥à¤²à¤¨ की मदद से किडनी शरीर में खून के दबाव को सामानà¥à¤¯ बनाये रखने का कारà¥à¤¯ करती है।
किडनी की खराबी होने पर होरà¥à¤®à¥‹à¤¨ के उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ à¤à¤µà¤‚ नमक और पानी के संतà¥à¤²à¤¨ में गड़बड़ी से उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª हो जाता है।
6. रकà¥à¤¤à¤•णों के उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ में सहायता:
खून में उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤ लाल रकà¥à¤¤à¤•णों का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ à¤à¤°à¤¿à¤¥à¥à¤°à¥‹à¤ªà¥‹à¤à¤Ÿà¥€à¤¨ की मदद से असà¥à¤¥à¤¿à¤®à¤œà¥à¤œà¤¾ (Bone Marrow)में होता है। à¤à¤°à¤¿à¤¥à¥à¤°à¥‹à¤ªà¥‹à¤à¤Ÿà¥€à¤¨ किडनी में बनता है किडनी के फेल होने की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में यह पदारà¥à¤¥ कम या बिलà¥à¤•à¥à¤² ही बनना बंद हो जाता है, जिससे लाल रकà¥à¤¤à¤•णों का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ कम हो जाता है और खून में फीकापन आ जाता है, जिसे à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ (खून की कमी का रोग) कहते हैं।
7. हडिडà¥à¤¯à¥‹à¤‚ की मजबूती
सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ हडिडà¥à¤¯à¥‹à¤‚ को बनाठरखने के लिठकिडनी, विटामिन डी को सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ रूप में परिवरà¥à¤¤à¤¿à¤¤ करती है जो à¤à¥‹à¤œà¤¨ से कैलà¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤® के अवशोषण, हडिडà¥à¤¯à¥‹à¤‚ और दांतों के विकास और हडिडà¥à¤¯à¥‹à¤‚ को मजबूत और सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने के लिठआवशà¥à¤¯à¤• होता है।
किडनी में खून के शà¥à¤¦à¥à¤§à¥€à¤•रण के बाद पेशाब कैसे बनता है?
किडनी जरूरी पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को रख कर अनावशà¥à¤¯à¤• पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को पेशाब दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बाहर निकालती है। यह अनोखी, अदà¥â€à¤à¥à¤¤ तथा जटिल पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है। आइठहम पेशाब गठन की इस जटिल और अदà¤à¥à¤¤ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को समà¤à¤¤à¥‡ हैं।
कà¥à¤¯à¤¾ आप जानते हैं? शरीर की दोनों किडनीयों में पà¥à¤°à¤¤à¤¿ मिनट 1200 मिली लिटर खून सà¥à¤µà¤šà¥à¤› होने के लिठआता है जो हृदय दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ शरीर में पहà¥à¤à¤šà¤¨à¥‡à¤µà¤¾à¤²à¥‡ समसà¥à¤¤ खून के बीस पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ के बराबर है। इस तरह 24 घंटे में अनà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¤: 1700 लिटर खून का शà¥à¤¦à¥à¤§à¥€à¤•रण होता है।
खून को साफ करके पेशाब बनाने का कारà¥à¤¯ करने वाले किडनी की सबसे छोटी à¤à¤µà¤‚ बारीक यूनिट को नेफà¥à¤°à¥‹à¤¨ कहते हैं, जो à¤à¤• छनà¥à¤¨à¥€ की तरह होती है।
पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• किडनी में दस लाख नेफà¥à¤°à¥‹à¤¨ होते हैं। पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• नेफà¥à¤°à¥‹à¤¨ के मà¥à¤–à¥à¤¯ दो हिसà¥à¤¸à¥‡ होते हैं पहला गà¥à¤²à¥‹à¤®à¥‡à¤°à¥à¤²à¤¸ और दूसरा टà¥à¤¯à¥‚बà¥à¤¯à¥‚लà¥à¤¸à¥¤
किडनी का मà¥à¤–à¥à¤¯ कारà¥à¤¯ खून को शà¥à¤¦à¥à¤§ करना और शरीर में पानी à¤à¤µà¤‚ कà¥à¤·à¤¾à¤° का संतà¥à¤²à¤¨ कर के पेशाब बनाना है।
गà¥à¤²à¥‹à¤®à¥‡à¤°à¥à¤²à¤¸ à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार की छनà¥à¤¨à¥€ होती है। इसमें विसà¥à¤ªà¤‚दन की विशेषता के साथ छोटे छोटे छेद होते हैं। जल और छोटे आकर के पदारà¥à¤¥ आसानी से उसके माधà¥à¤¯à¤® से छन जाते हैं। लेकिन बड़े आकर की लाल रकà¥à¤¤ कोशिकाà¤à¤, सफेद रकà¥à¤¤ कोशिकाà¤à¤, पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤²à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ आदि इन छिदà¥à¤°à¥‹à¤‚ से पारित नहीं हो सकते हैं। इसलिठइन की कोशिकाओं को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ लोगों की पेशाब जांच में सामानà¥à¤¯à¤¤à¤ƒ नहीं देखा जा सकता है।
आपको यह जानकर आशà¥à¤šà¤°à¥à¤¯ होगा की गà¥à¤²à¥‹à¤®à¥‡à¤°à¥à¤²à¤¸ के नाम से जानी जानेवाली छनà¥à¤¨à¥€ पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• मिनट में 125 मिली लिटर पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹à¥€ बनाकर पà¥à¤°à¤¥à¤® चरण में 24 घंटों में 180 लिटर पेशाब बनाती है। इस 180 लिटर पेशाब में अनावशà¥à¤¯à¤• पदारà¥à¤¥, कà¥à¤·à¤¾à¤° और जहरीले पदारà¥à¤¥ à¤à¥€ होते हैं। साथ हीं इसमें शरीर के लिठउपयोगी गà¥à¤²à¥‚कोज तथा अनà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ à¤à¥€ होते हैं।
गà¥à¤²à¥‹à¤®à¥‡à¤°à¥à¤²à¤¸ में बननेवाला 180 लिटर पेशाब टà¥à¤¯à¥‚बà¥à¤¯à¥‚लà¥à¤¸ में आता है, जहाठउसमें से 99 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ दà¥à¤°à¤µ का अवशोषण (Reabsorption) हो जाता है।
टà¥à¤¯à¥‚बà¥à¤¯à¥‚लà¥à¤¸ में होने वाले अवशोषण को बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿à¤ªà¥‚रà¥à¤µà¤• कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ कहा जाता है? इस अवशोषण को बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿à¤ªà¥‚रà¥à¤µà¤• कहा गया है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि 180 लिटर जितनी बड़ी मातà¥à¤°à¤¾ में बने पेशाब में से जरूरी
पदारà¥à¤¥ à¤à¤µà¤‚ पानी पà¥à¤¨à¤ƒ शरीर में वापिस लिया जाता है। सिरà¥à¤«à¤¼ 1 से २ लिटर पेशाब में पूरा कचरा à¤à¤µà¤‚ अनावशà¥à¤¯à¤• कà¥à¤·à¤¾à¤° बाहर निकल जाता है।
इस तरह किडनी में बहà¥à¤¤ ही जटिल विधि दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ की गई सफाई की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के बाद बना पेशाब मूतà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹à¤¿à¤¨à¥€ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ में जाता है और मूतà¥à¤°à¤¨à¤²à¤¿à¤•ा दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पेशाब शरीर से बाहर निकलता है।
कà¥à¤¯à¤¾ सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ किडनेवाले वà¥à¤¯à¤•ित में पेशाब की मातà¥à¤°à¤¾ कम या जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो सकती है?
हाà¤, पेशाब की मातà¥à¤°à¤¾ पिये गये पानी की मातà¥à¤°à¤¾ तथा वातावरण के तापमान पर आधारित होती है।
अगर कोई वà¥à¤¯à¤•ित कम पानी पीता है तो सिरà¥à¤« आधा लिटर (500 मि. ली.) जितना कम किनà¥à¤¤à¥ गाढ़ा पेशाब बनता है। अधिक पानी पीने पर, अधिक तथा पतला पेशाब बनता है।
गरà¥à¤®à¥€ में अधिक पसीना आने से पेशाब की मातà¥à¤°à¤¾ कम हो जाती है और सरà¥à¤¦à¥€ की ऋतॠमें कम पसीना आने से पेशाब की मातà¥à¤°à¤¾ बॠजाती है।
सामानà¥à¤¯ मातà¥à¤° में पानी पीनेवाले वà¥à¤¯à¤•ित का पेशाब 500 मि. ली.(आधा लिटर) से कम या 3000 मि. ली. (तीन लिटर) से अधिक बने तो यह किडनी के रोग की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ की निशानी है।
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